शनि गोचर 2027: मेष राशि पर असर
- 1 जनवरी – 3 जून: शनि आपकी राशि से बारहवें भाव (ख़र्च, विदेश और विश्राम) में — मेहनत और अनुशासन के कामों में धैर्य और सोच-समझ से चलना बेहतर रहेगा।
- 3 जून – 20 अक्टूबर: शनि आपकी राशि से पहले भाव (शरीर और आत्मविश्वास) में — मेहनत और अनुशासन के कामों में धैर्य और सोच-समझ से चलना बेहतर रहेगा।
- 20 अक्टूबर – 31 दिसंबर: शनि आपकी राशि से बारहवें भाव (ख़र्च, विदेश और विश्राम) में — मेहनत और अनुशासन के कामों में धैर्य और सोच-समझ से चलना बेहतर रहेगा।
2027 में साढ़ेसाती चल रही है (शनि आपके बारहवें भाव में) — मेहनत और धैर्य का समय, डरने का नहीं।
2027 में मेष के लिए तारीख़ें
- 3 जून 2027: शनि का मेष राशि में प्रवेश — आपके पहले भाव (शरीर और आत्मविश्वास) में। इस भाव में शनि के समय धैर्य रखना अच्छा माना जाता है।
- 3 जून 2027 से साढ़ेसाती: दूसरा चरण (मध्य) (शनि आपके पहले भाव में) — मेहनत और धैर्य का समय, डरने का नहीं।
- 9 अगस्त 2027: शनि वक्री होंगे (मेष में, आपके पहले भाव में) — शरीर और आत्मविश्वास से जुड़े काम दोबारा जाँचने का समय; बड़े नए फ़ैसले सोच-समझकर लें।
- 20 अक्टूबर 2027: शनि वक्री चाल से वापस मीन राशि में — आपके बारहवें भाव (ख़र्च, विदेश और विश्राम) में। इस भाव में शनि के समय धैर्य रखना अच्छा माना जाता है।
- 20 अक्टूबर 2027 से साढ़ेसाती: पहला चरण (उदय) (शनि आपके बारहवें भाव में) — मेहनत और धैर्य का समय, डरने का नहीं।
- 24 दिसंबर 2027: शनि मार्गी होंगे (मीन में, आपके बारहवें भाव में) — ख़र्च, विदेश और विश्राम से जुड़े रुके काम धीरे-धीरे आगे बढ़ने का रुझान।
चंद्र राशि मेष से पढ़ा गया। आपकी अपनी कुंडली (लग्न, शनि किन भावों के स्वामी हैं, चल रही दशा) तय करती है कि असर कैसा महसूस होगा।
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