हस्त नक्षत्र — स्वामी चंद्र, देवता सविता और नाम अक्षर
- क्रम
- 13 / 27
- विस्तार
- 10°00′ कन्या – 23°20′ कन्या
- स्वामी
- चंद्र
- देवता
- सविता
- गण
- देव
- योनि
- महिष (भैंस)
- नाड़ी
- आदि
- स्वभाव
- क्षिप्र (लघु)
क्षिप्र (लघु): परंपरा में सीखने, लेन-देन और जल्दी पूरे होने वाले कामों के लिए अच्छा माना जाता है।
चार चरण और उनके नाम अक्षर
हमारे मुहूर्त नियमों में
हस्त इन मुहूर्तों के शुभ नक्षत्रों में है: विवाह मुहूर्त, नामकरण मुहूर्त, नया व्यापार शुरू करने का मुहूर्त। तिथि, योग, भद्रा और मास भी देखे जाते हैं।
चंद्रमा अगली बार हस्त में कब
- 09:19 PM, 9 अक्टूबर से 09:42 PM, 10 अक्टूबर तक
- 03:55 AM, 6 नवंबर से 04:43 AM, 7 नवंबर तक
समय भारतीय समय में, पंचांग से (स्विस एफ़ेमेरिस, लाहिड़ी अयनांश)। चंद्रमा का नक्षत्र हर जगह एक ही क्षण में बदलता है; केवल घड़ी का समय अलग होता है। आज का पंचांग — तिथि, नक्षत्र, राहु काल →
सभी 27 नक्षत्र
1. अश्विनी2. भरणी3. कृत्तिका4. रोहिणी5. मृगशिरा6. आर्द्रा7. पुनर्वसु8. पुष्य9. आश्लेषा10. मघा11. पूर्वा फाल्गुनी12. उत्तरा फाल्गुनी14. चित्रा15. स्वाति16. विशाखा17. अनुराधा18. ज्येष्ठा19. मूल20. पूर्वाषाढ़ा21. उत्तराषाढ़ा22. श्रवण23. धनिष्ठा24. शतभिषा25. पूर्वा भाद्रपद26. उत्तरा भाद्रपद27. रेवती
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