रेवती नक्षत्र — स्वामी बुध, देवता पूषा और नाम अक्षर
- क्रम
- 27 / 27
- विस्तार
- 16°40′ मीन – 30°00′ मीन
- स्वामी
- बुध
- देवता
- पूषा
- गण
- देव
- योनि
- गज (हाथी)
- नाड़ी
- अंत्य
- स्वभाव
- मृदु
मृदु: परंपरा में मित्रता, कला, संगीत और रिश्तों की बात के लिए अच्छा माना जाता है।
चार चरण और उनके नाम अक्षर
रेवती छह गंडमूल नक्षत्रों में से एक है (जल और अग्नि राशियों के संधि स्थान पर)। इस नक्षत्र में जन्म के बाद कई परिवार सरल गंडमूल शांति कराते हैं; यह एक परंपरा है, बच्चे के बारे में भविष्यवाणी नहीं।
हमारे मुहूर्त नियमों में
रेवती इन मुहूर्तों के शुभ नक्षत्रों में है: विवाह मुहूर्त, गृह प्रवेश मुहूर्त, प्रॉपर्टी ख़रीदने का मुहूर्त, नामकरण मुहूर्त, नया व्यापार शुरू करने का मुहूर्त। तिथि, योग, भद्रा और मास भी देखे जाते हैं।
चंद्रमा अगली बार रेवती में कब
- 08:32 PM, 24 अक्टूबर से 07:22 PM, 25 अक्टूबर तक
- 06:50 AM, 21 नवंबर से 05:54 AM, 22 नवंबर तक
समय भारतीय समय में, पंचांग से (स्विस एफ़ेमेरिस, लाहिड़ी अयनांश)। चंद्रमा का नक्षत्र हर जगह एक ही क्षण में बदलता है; केवल घड़ी का समय अलग होता है। आज का पंचांग — तिथि, नक्षत्र, राहु काल →
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