उत्तराषाढ़ा नक्षत्र — स्वामी सूर्य, देवता विश्वेदेव और नाम अक्षर
- क्रम
- 21 / 27
- विस्तार
- 26°40′ धनु – 10°00′ मकर
- स्वामी
- सूर्य
- देवता
- विश्वेदेव
- गण
- मनुष्य
- योनि
- नकुल (नेवला)
- नाड़ी
- अंत्य
- स्वभाव
- ध्रुव (स्थिर)
ध्रुव (स्थिर): परंपरा में लंबे समय के काम, नींव रखने और स्थिर फ़ैसलों के लिए शुभ माना जाता है।
चार चरण और उनके नाम अक्षर
उत्तराषाढ़ा नक्षत्र के नाम अक्षर →
हमारे मुहूर्त नियमों में
उत्तराषाढ़ा इन मुहूर्तों के शुभ नक्षत्रों में है: विवाह मुहूर्त, गृह प्रवेश मुहूर्त, प्रॉपर्टी ख़रीदने का मुहूर्त, नामकरण मुहूर्त, नया व्यापार शुरू करने का मुहूर्त। तिथि, योग, भद्रा और मास भी देखे जाते हैं।
विवाह मुहूर्त 2026गृह प्रवेश मुहूर्त 2026प्रॉपर्टी ख़रीदने का मुहूर्त 2026नामकरण मुहूर्त 2026नया व्यापार शुरू करने का मुहूर्त 2026
चंद्रमा अगली बार उत्तराषाढ़ा में कब
- 12:48 PM, 18 अक्टूबर से 03:38 PM, 19 अक्टूबर तक
- 08:24 PM, 14 नवंबर से 11:28 PM, 15 नवंबर तक
समय भारतीय समय में, पंचांग से (स्विस एफ़ेमेरिस, लाहिड़ी अयनांश)। चंद्रमा का नक्षत्र हर जगह एक ही क्षण में बदलता है; केवल घड़ी का समय अलग होता है। आज का पंचांग — तिथि, नक्षत्र, राहु काल →
सभी 27 नक्षत्र
1. अश्विनी2. भरणी3. कृत्तिका4. रोहिणी5. मृगशिरा6. आर्द्रा7. पुनर्वसु8. पुष्य9. आश्लेषा10. मघा11. पूर्वा फाल्गुनी12. उत्तरा फाल्गुनी13. हस्त14. चित्रा15. स्वाति16. विशाखा17. अनुराधा18. ज्येष्ठा19. मूल20. पूर्वाषाढ़ा22. श्रवण23. धनिष्ठा24. शतभिषा25. पूर्वा भाद्रपद26. उत्तरा भाद्रपद27. रेवती
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